🔴हफ्ता वसूली का खुला कबूलनामा: वायरल ऑडियो में सीओ तक पहुंची रकम, पुलिस तंत्र कटघरे में
🔵 ग्लोबल न्यूज
कुशीनगर। हाइवे पर होने वाली अवैध वसूली के खेल में सिर्फ दलाल या सिपाही ही नहीं, बल्कि वर्दीधारी अफसरों तक की हिस्सेदारी का सनसनीखेज खुलासा हुआ हैं। सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑडियो ने खड्डा थाना क्षेत्र में सिपाही-पुलिस अफसर की गठजोड़ और अवैध वसूली के कारनामे को बेनकाब कर दिया है। कहना ना होगा कि हाइवे पर चल रही अवैध वसूली अब महज़ आरोप नहीं, बल्कि खुला कबूलनामा बनकर सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो ने यह साबित कर दिया है कि यह खेल किसी एक सिपाही का नहीं, बल्कि ऊपर तक फैली साठगांठ का नतीजा है। ऐसे कहना मुनासिब होगा कि कानून की रखवाली करने वाली वर्दी अब हफ्ता वसूली की गारंटी बनती दिखाई दे रही है।
वायरल ऑडियो कथित तौर पर खड्डा थाने के सिपाही राजू चौधरी का बताया जा रहा है, जिसमें वह हाइवे पर की गई वसूली की रकम में से दस हजार रुपये तत्कालीन सीओ उमेश भट्ट को देने की बात करता हुआ सुनाई दे रहा है। ऑडियो में बातचीत का लहजा और संदर्भ इस बात की ओर इशारा करता है कि यह कोई अपवाद नहीं, बल्कि व्यवस्थित वसूली तंत्र का हिस्सा था। हालाकि यह आडियो एक वर्ष पुराना बताया जा रहा है लेकिन सवाल यह नहीं कि ऑडियो वायरल क्यों हुआ, सवाल यह है कि यह लूट किसके संरक्षण में चल रहा था?
🔴 रसूखदार सिपाही का जलवाबताया जाता है कि सिपाही राजू चौधरी का एक वर्ष पूर्व पर्यटन थाने में स्थानांतरण हो चुका है, इसके बावजूद वह खड्डा थाने में जमा हुआ हैं। आरोप है कि यह सब रसूख और संरक्षण के बल पर संभव हुआ। नियमों को ताक पर रखकर एक सिपाही का थाने में टिके रहना, सिस्टम पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।सूत्रों के अनुसार, सिपाही राजू चौधरी न सिर्फ थाने के सरकारी कार्यों में सक्रिय हैं, बल्कि सीओ के निजी कार्यों में भी हाथ बंटाते देखा जाता था। यह स्थिति पुलिस की कार्यप्रणाली और निष्पक्षता पर यक्ष प्रश्न है। वायरल ऑडियो ने अब आम जनता को यह सोचने पर विवश कर दिया है कि हाइवे पर होने वाली अवैध वसूली अफसरों की सहमति के बिना संभव नही है? विधि विशेषज्ञो का कहना है कि ऑडियो की सत्यता जांच में साबित होती है, तो यह मामला सिर्फ एक सिपाही तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे पुलिस तंत्र की साख पर चोट करेगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि विभाग इस गंभीर आरोप पर तत्काल निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाती है
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य


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