🔵देश के गौरव को राष्ट्रीय मंच पर दोहरी उपलब्धि
कुशीनगर का परचम देशभर में लहराया : डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव को दो-दो राष्ट्रीय फेलोशिप
🔵 ग्लोबल न्यूज
कुशीनगर। चिकित्सा सेवा, ज्ञान, मानवीय संवेदना और समर्पण की निरंतर यात्रा में कुशीनगर जनपद का नाम राष्ट्रीय फलक पर रोशन करने वाले ख्याति प्राप्त चिकित्सक डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव की उपलब्धियों की श्रृंखला में एक के बाद एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ते जा रहे हैं। पडोसी राज्य बिहार के पटना में आयोजित एसोसिएशन ऑफ फिजिशियंस ऑफ इंडिया के 81वें वार्षिक अधिवेशन – 2026 में उन्हें “फेलो ऑफ इंडियन कॉलेज ऑफ फिजिशियंस (एफआईसीपी)” जैसे अत्यंत प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया, जिसने चिकित्सा जगत में उनकी सशक्त उपस्थिति को और भी ज्यादा मजबूत किया है।
इस ऐतिहासिक क्षण पर डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए इस उपलब्धि का श्रेय अपने गुरुजनों, सहयोगियों, मित्रों और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके निरंतर मार्गदर्शन, विश्वास और समर्थन का परिणाम है। साथ ही उन्होंने अपने मरीजों के प्रति विशेष आभार जताते हुए कहा कि मरीजों का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा शक्ति है और वही उन्हें निरंतर बेहतर चिकित्सा सेवा देने के लिए प्रेरित करता है। एमबीबीएस, एमडी (मेडिसिन) जैसी मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ एफआईसीपी,एफआईएसीएम,एफआईएसएच,सीसीईबीडीएम जैसी प्रतिष्ठित उपाधियों से सुसज्जित डॉ. श्रीवास्तव पहले से ही चिकित्सा जगत में एक स्थापित और विश्वसनीय नाम रहे हैं। अब एफआईसीपी सम्मान ने उनकी उपलब्धियों के मुकुट में एक और चमकदार पंख जोड़ दिया है। डॉ. श्रीवास्तव का मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने भविष्य में भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ मरीजों की सेवा करते रहने का संकल्प दोहराया। उनकी यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और सहयोगियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि युवा चिकित्सकों के लिए भी प्रेरणादायक है।।
बतादे कि इससे पूर्व भी डॉ. श्रीवास्तव को चिकित्सा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित किया जा चुका है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल मेडिसिन के तत्वावधान में 15 नवंबर को आयोजित वार्षिक सम्मेलन में, आम रोगियों की निःस्वार्थ सेवा, सुलभ चिकित्सा और क्लिनिकल मेडिसिन के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए उन्हें फेलोशिप सम्मान प्रदान किया गया था। कहना ना होगा कि एक ही वर्ष में दो प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित होना न केवल डॉ. संदीप अरुण श्रीवास्तव की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि कुशीनगर जनपद के लिए भी गर्व का विषय है। उनकी यह सफलता युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर यह संदेश देती है कि निरंतर परिश्रम, मानवीय दृष्टिकोण और सेवा भावना से किसी भी चिकित्सक को राष्ट्रीय पहचान मिल सकती है।
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य




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