🔵12 जनवरी को तरया लच्छीराम गांव मे आयोजित होगा स्वामी विवेकानंद जयंती कार्यक्रम
🔴 पूर्व विधायक व जीवन ज्योति जागृति मिशन के अध्यक्ष नंद किशोर मिश्र ने स्वामी विवेकानंद जन्म जयन्ती गोष्ठी में सभी को उपस्थित होने का आह्वान किया
🔵 ग्लोबल न्यूज
कुशीनगर। मानव समाज को अज्ञान, अधर्म और अवनति के अंधकार से निकालकर कल्याण, सत्य और सद्भाव के उजास पथ पर ले जाने के लिए युग-युग में महान आत्माओं का अवतरण होता रहा है। ऐसी ही दिव्य और युगद्रष्टा विभूति थे स्वामी विवेकानन्द, जिन्होंने अपने विचारों, चरित्र और कर्म से न केवल भारत, बल्कि सम्पूर्ण विश्व को मानवता, राष्ट्रधर्म और आत्मगौरव का अमर संदेश दिया।स्वामी विवेकानन्द का जन्म उस कालखंड में हुआ, जब भारत विदेशी दासता की जंजीरों में जकड़ा हुआ था। राष्ट्र की अस्मिता संकट में थी, सनातन धर्म की चेतना क्षीण पड़ रही थी और समाज अधर्म, असत्य, हिंसा, लोभ एवं अनैतिकता से ग्रसित था। ऐसे विकट समय में स्वामी जी ने राष्ट्र की आत्मा बनकर भारतीय चेतना को झकझोर दिया और युवाओं में आत्मविश्वास, आत्मबल एवं राष्ट्रभक्ति की नई लौ प्रज्वलित की।
यह कहना है पूर्व विधायक व जीवन ज्योति जागृति मिशन के अध्यक्ष नंदकिशोर मिश्रा का। श्री मिश्र सोमवार को पत्रकारों से मुखातिब होकर 12 जनवरी स्वामी विवेकानंद के जन्मोत्सव पर हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के तरया लच्छीराम गांव मे आयोजित कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी साझा कर रहे थे। उन्होने कहा कि स्वामी विवेकानन्द भारत माता की जीवंत प्राणशक्ति थे। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश, धर्म और मानवता की सेवा में अर्पित कर दिया। वे केवल एक संन्यासी या योगी ही नहीं, बल्कि संस्कृति, दर्शन, शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण के महान आचार्य थे। उनका विराट व्यक्तित्व भारत की सीमाओं से परे जाकर सम्पूर्ण विश्व के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
उन्होंने कहा कि जीवन ज्योति जागृति मिशन के तत्वावधान में स्वामी विवेकानन्द की जन्म जयन्ती वर्ष 1999 से निरंतर श्रद्धा, आस्था और वैचारिक चेतना के साथ मनाई जा रही है। तरयालच्छीराम स्थित मंदिर परिसर में श्री रामकृष्ण परमहंस , माँ शारदा एवं स्वामी विवेकानन्द जी के पावन विग्रह विराजमान हैं, जो आध्यात्मिक साधना एवं संस्कार निर्माण का केंद्र बने हुए हैं।यहाँ अध्ययनशील युवाओं एवं पाठकों के लिए स्वामी विवेकानन्द पुस्तकालय एवं वाचनालय संचालित है। साथ ही ‘परमहंस विद्याभवन’ के माध्यम से पहली से आठवीं कक्षा तक की मान्यता प्राप्त शिक्षा प्रदान की जा रही है, जिसमें विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। श्री मिश्र ने बताया कि 12 जनवरी सोमवार को स्वामी विवेकानंद के जन्म जयंती कार्यक्रम मे बतौर मुख्य अतिथि पूर्व उप मुख्यमंत्री डाॅ.दिनेश शर्मा, मुख्य मार्गदर्शक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक अनिल जी विशिष्ट अतिथि के रूप मे राज्य सभा सांसद आरपीएन सिह, क्षेत्रीय सांसद विजय दूबे सहित जिले के सभी विधायक और भाजपा जिलाध्यक्ष शिरकत करेगें।

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