🔴खुदाई के दौरान मिला कथित खजाना,जिसने जितना पाया समेटकर भागा
🔵 ग्लोबल न्यूज
कुशीनगर। जिले के तरयासुजान क्षेत्र के ओझवलिया गांव में मिट्टी की खुदाई के दौरान बड़ी संख्या में पुराने सिक्के मिलने की खबर ने प्रशासन और स्थानीय लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। ग्रामीणों का दावा है कि खेत में जेसीबी से खुदाई के दौरान जमीन के भीतर से कथित रूप से मुगलकालीन सिक्के निकले है, जिन्हें मौके पर मौजूद लोग जितना जो पाया साथ लेकर बने। सोशल मीडिया पर सिक्कों की तस्वीरें और वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच में जुट गया है। हालांकि सिक्कों की प्रामाणिकता और ऐतिहासिक महत्व की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बताया जा रहा है कि गांव के निवासी राधेश्याम वर्मा के खेत में सोमवार की शाम जेसीबी मशीन से मिट्टी की खुदाई कराई जा रही थी। खुदाई के दौरान अचानक मशीन के पंजे से ऐसी वस्तुएं निकलनी शुरू हुईं जिन्हें देखकर मजदूर और ग्रामीण हैरान रह गए। कुछ ही देर में खबर पूरे गांव में फैल गई कि जमीन के भीतर से पुराने सिक्कों का जखीरा निकला है।स्थानीय सूत्रों का दावा है कि मौके से 15 से 20 किलोग्राम तक पुराने सिक्के बरामद हुए। सिक्कों के बाहर आते ही वहां मौजूद लोगों में उन्हें पाने की होड़ मच गई। जिसने जितना हाथ लगाया, वह उतना समेटकर चलता बना। देखते ही देखते सिक्कों का बड़ा हिस्सा लोगों के घरों तक पहुंच गया और प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी।
मंगलवार सुबह जब सिक्कों की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए तो प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। वायरल तस्वीरों में दिखाई दे रहे सिक्कों को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं। कोई उन्हें मुगलकालीन बता रहा है तो कोई सदियों पुरानी धरोहर होने की बात कह रहा है। हालांकि अभी तक किसी भी विशेषज्ञ संस्था ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।सूत्रों के मुताबिक प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम के तह तक जाने की तैयारी में जुट गया है। राजस्व विभाग और स्थानीय अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। चर्चा है कि यदि सिक्कों के ऐतिहासिक महत्व के संकेत मिलते हैं तो भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम को भी जांच के लिए बुलाया जा सकता है।गांव में यह चर्चा भी तेज है कि सिक्के अपने कब्जे में लेने वाले कुछ लोग कार्रवाई के डर से घरों से गायब हैं। गांव में दिनभर लोगों की टोलियां सिर्फ इसी मुद्दे पर चर्चा करती दिखाई दीं।अब सवाल यह है कि वास्तव में जमीन के भीतर इतना बड़ा संग्रह मौजूद था तो वह वहां कब और कैसे पहुंचा? क्या यह किसी पुराने जमाने से दबा हुआ खजाना है, या किसी ऐतिहासिक बस्ती के अवशेष हैं या फिर इसके पीछे कोई और कहानी छिपी हुई है? इन सब सवालों का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है।प्रशासन जांच की बात कह रहा है, लेकिन ओझवलिया की मिट्टी से निकली इस रहस्यमयी कहानी ने लोगों की उत्सुकता चरम पर पहुंचा दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि जांच में सामने आने वाला सच, इतिहास का नया अध्याय खोलेगा या फिर वायरल दावों की परतें उधेड़ देगा।
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य

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