🔴 31 साल, वही कलाई और वही स्नेह… राखी के धागे से मजबूत होता भाई-बहन का रिश्ता
🟠 ग्लोबल न्यूज
कुशीनगर । राखी की डोर महज कलाई पर बंधने वाला धागा नहीं होती, यह भरोसे, अपनत्व और रिश्तों की वह गांठ है जो वक्त के साथ और मजबूत होती जाती है। पडरौना नगर के साहबगंज तुरहा टोली में रक्षाबंधन पर ऐसा ही एक रिश्ता हर साल दिखाई देता है। नगर पालिका अध्यक्ष विनय जायसवाल पिछले 31 वर्षों से मोहल्ले की बहनों से राखी बंधवाकर भाई-बहन के इस रिश्ते को सामाजिक सरोकार और आत्मीयता की परंपरा में बदलते आ रहे हैं।
🔴 31 साल से नहीं बदली परंपरा
रक्षाबंधन के पर्व पर इस बार भी साहबगंज तुरहा टोली में बहनों ने विनय जायसवाल की कलाई पर राखी बांधी। छोटी बच्चियों से लेकर बड़ी बहनों तक ने पूरे अपनत्व के साथ राखी बांधकर भाई के लिए सुख, समृद्धि और लंबी उम्र की कामना की। तीन दशक से अधिक समय से चली आ रही यह परंपरा अब मोहल्ले के सामाजिक जीवन का हिस्सा बन चुकी है।
🔴 किसी ने बांधी राखी, किसी ने दिया आशीर्वाद
राखी बांधने के दौरान माहौल में उत्सव के साथ भावनाओं की भी झलक दिखाई दी। छोटी बच्चियों की मासूमियत और बड़ी बहनों के स्नेह ने इस अवसर को खास बना दिया। तिलक, राखी और मिठाई के बीच भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता साफ नजर आई।
🔴 ‘रिश्ता खून का नहीं, भावनाओं का है’
विनय जायसवाल ने कहा कि 31 वर्षों से बहनों से राखी बंधवाना उनके लिए महज एक परंपरा नहीं है। यह भावनाओं, विश्वास और आत्मीय रिश्तों का पर्व है। बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए जीवन की सबसे अनमोल पूंजी है। छोटी बच्चियों से लेकर बड़ी बहनों तक का अपनापन उन्हें समाज के प्रति अपने दायित्वों को निभाने की प्रेरणा देता है।
🔴 राखी के धागे में सामाजिक जुड़ाव
इस परंपरा का एक खास सामाजिक पहलू भी है। यहां राखी सिर्फ भाई की कलाई पर नहीं बंधती, बल्कि मोहल्ले के लोगों के बीच अपनत्व और जुड़ाव को भी मजबूत करती है। वर्षों से जारी यह सिलसिला बताता है कि सामाजिक रिश्ते केवल औपचारिक परिचय से नहीं, बल्कि लगातार निभाए गए विश्वास से मजबूत होते हैं।
🔴 तीन दशक बाद भी वही स्नेह
समय बदला, जिंदगी की रफ्तार बदली और जिम्मेदारियां बढ़ीं, लेकिन साहबगंज तुरहा टोली में रक्षाबंधन की यह परंपरा आज भी कायम है। हर साल राखी के मौके पर बहनों का पहुंचना और विनय जायसवाल की कलाई पर राखी बांधना इस रिश्ते की निरंतरता का प्रमाण है।नगर पालिका अध्यक्ष ने सभी बहनों के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता प्रेम, विश्वास और सम्मान की बुनियाद पर टिका होता है। ईश्वर से प्रार्थना है कि यह पवित्र रिश्ता हमेशा इसी तरह मजबूत बना रहे।रक्षाबंधन के मौके पर मोहल्ले में उल्लास और आत्मीयता का माहौल रहा। कलाई पर बंधी राखी के इन धागों में सिर्फ एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि 31 वर्षों से संजोया जा रहा अपनापन दिखाई दिया।



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