🔴पावा की धरती से गरजे योगी : मच्छर और माफियाओं का किया गया खात्मा
🔵 ग्लोबल न्यूज
कुशीनगर। पूर्वांचल की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरती मंगलवार को उस समय विकास, विरासत और राजनीतिक संदेशों की साक्षी बनी, जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर को 424 करोड़ रुपये से अधिक की 278 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। तमकुहीराज में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने लोकार्पण और शिलान्यास के साथ जो ऐलान किया, वह पूरे जनपद का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। सीएम योगी ने घोषणा किया कि फाजिलनगर अब अपनी पुरानी पहचान छोड़कर भगवान महावीर और ऐतिहासिक पावा नगरी की गौरवशाली विरासत से जुड़ते हुए ‘पावागढ़’ के नाम से जाना जाएगा।
हजारों लोगों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक अस्मिता के सम्मान का निर्णय है। उन्होंने कहा कि जिस भूमि ने भगवान महावीर के अंतिम उपदेशों और जैन परंपरा की गौरवशाली विरासत को संजोया है, उसकी पहचान भी उसी अनुरूप होनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने अतीत और वर्तमान की तस्वीर को सामने रखते हुए कहा कि एक दशक पहले कुशीनगर की पहचान विकास से नहीं, बल्कि बीमारी, बदहाली और भय से होती थी। इंसेफ्लाइटिस जैसी बीमारी बच्चों की जान ले रही थी, स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही थीं और माफियाओं का समानांतर शासन चल रहा था। खनन माफिया, बालू माफिया और जंगल पार्टी का ऐसा आतंक था कि आम आदमी खुद को असुरक्षित महसूस करता था। उन्होंने कहा कि "आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। हमारी सरकार ने मच्छरों और माफियाओं दोनों का इलाज किया है। इंसेफ्लाइटिस पर नियंत्रण पाया गया है और अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हुई कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है।"
🔴किसानों के सम्मान और समृद्धि
मुख्यमंत्री ने किसानों की पीड़ा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले गन्ना किसान पर्ची के लिए भटकते थे, घटतौली झेलते थे और समय पर भुगतान नहीं मिलता था। आज तकनीक आधारित व्यवस्था के माध्यम से किसानों को पारदर्शी तरीके से लाभ पहुंचाया जा रहा है। सरकार किसानों के सम्मान और समृद्धि के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने वर्षों तक राम मंदिर निर्माण में बाधाएं खड़ी कीं, वे आज भी विकास और विरासत के मुद्दों पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन जनता अब सब समझ चुकी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनने के बाद प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों को नई पहचान देने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में फाजिलनगर को भी उसकी ऐतिहासिक पहचान लौटाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि विधायक और सांसद की मांग पर सरकार ने नाम परिवर्तन का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है और अब यह क्षेत्र ‘पावागढ़’ के नाम से नई पहचान प्राप्त करेगा। सीएम योगी ने विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य केवल शिलान्यास और उद्घाटन करना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान कई बार जनसभा तालियों और जयघोष से गूंज उठी। विशेषकर फाजिलनगर का नाम बदलकर पावागढ़ किए जाने की घोषणा पर लोगों ने खड़े होकर स्वागत किया।
🔴सीएम ने किया कृषि विश्वविद्यालय का निरीक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर दौरे के दौरान निर्माणाधीन कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के का निरीक्षण किया। इस दरम्यान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि विश्वविद्यालय के शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को कृषि शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे किसानों को आधुनिक खेती, नई तकनीकों और उन्नत बीजों की जानकारी भी मिलेगी। उन्होंने कृषि आधारित रोजगार और अनुसंधान को बढ़ावा पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश के कृषि विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य


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