गुरु ने सौंपी गद्दी, सिधुआ पीठ के उत्तराधिकारी बने राजनाथ, आज वार्षिकोत्सव में जुटेंगे हजारों श्रद्धालु
🔴वैदिक मंत्रों के बीच और संतों के सानिध्य में सिधुआ स्थान को मिला नया उत्तराधिकारी
🔵 युगान्धर टाइम्स व्यूरो
कुशीनगर। पडरौना नगर सीमा से सटे प्राचीन एवं आस्था के केंद्र सिधुआ स्थान मे सोमवार को आध्यात्मिक परंपरा, श्रद्धा और सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और संत-महात्माओं के जयघोष के बीच महंत राजनाथ जी को सिधुआ स्थान का उत्तराधिकारी महंत घोषित कर विधिवत गद्दी पर आसीन कराया गया। इस ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने के लिए क्षेत्र सहित दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
समारोह में विभिन्न मठों एवं मंदिरों से आए महंतों, साधु-संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति में वैदिक रीति-रिवाजों के साथ उत्तराधिकार की रस्म पूरी की गई। सिधुआ स्थान के वर्तमान महंत योगेश्वरनाथ ने अपने पुत्र राजनाथ को चादर ओढ़ाकर एवं आशीर्वाद देकर गद्दी पर विराजमान कराया। उपस्थित संत-महात्माओं ने तिलक लगाकर अंगवस्त्र भेंट किया और उनके उज्ज्वल आध्यात्मिक नेतृत्व की कामना की।
🔴 उत्साह के साथ मनाया जाता है बाबा सिद्धनाथ का वार्षिकोत्सव
बतादे कि सिधुआ स्थान लंबे समय से क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां प्रतिवर्ष 2 जून को बाबा सिद्धनाथ का वार्षिकोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। परंपरा के अनुसार एक दिन पूर्व अखंड भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। महंत योगेश्वरनाथ ने बताया कि 2 जून को बाबा सिद्धनाथ जी का वार्षिकोत्सव एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया गया है, जिसमें दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस दौरान बगही कुटी के विशम्भर दास महाराज, अयोध्या के बालकदास महाराज, पत्थलेश्वरनाथ स्थान के महंत सतेंद्रगिरी, राम जानकी मंदिर कसया के रामनयन दास रामायणी के महंत रामबालक दास त्यागी, महंत दीपकनाथ , श्री दास महाराज सहित अनेक संत-महात्मा ने नये महंथ को आशीर्वाद देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।
🔵 रिपोर्ट - संजय चाणक्य


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