🔴वायरल फोटो का ‘स्टेटस कनेक्शन’! छात्रा संग तस्वीर को लेकर रामनारायण इंटर कॉलेज में उठे सवाल
🔴 पहले स्टेटस, फिर सोशल मीडिया पर वायरल! छात्रा संग तस्वीर ने रामनारायण इंटर कॉलेज को घेरा सवालों
🔵 ग्लोबल न्यूज
कुशीनगर।जनपद के कठकुइयां स्थित रामनारायण इंटर कॉलेज, से जुड़ी एक तस्वीर दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। तस्वीर में विद्यालय के वाइस प्रिंसिपल अभिषेक प्रताप के साथ कक्षा 11वीं की एक छात्रा के अकेले कार्यालय में मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। तस्वीर सामने आने के बाद विद्यालय परिसर से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चाओं का बाजार गर्म है।लेकिन तस्वीर में जो दिखाई दे रहा है, उसके पीछे की कहानी क्या है? यही सवाल अब पूरे मामले का केंद्र बन गया है।वायरल तस्वीर को विद्यालय के कार्यालय का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के दावे व टिप्पणियाँ किए जा रहे हैं। कोई इसे गंभीर सवालों से जोड़ रहा है तो कोई तस्वीर पर ही सवाल उठा रहा है। हालांकि,यह स्पष्ट नहीं है कि तस्वीर कब खींची गई, किस परिस्थिति में खींची गई और सोशल मीडिया पर इसे किस उद्देश्य से वायरल किया गया।
🔴 स्टेटस’ से स्क्रीनशॉट लेकर वायरल करने का दावा
सूत्रों के हवाले से यह बात सामने आ रही है कि वायरल तस्वीर कथित तौर पर वाइस प्रिंसिपल के सोशल मीडिया स्टेटस से स्क्रीनशॉट लेकर किसी व्यक्ति द्वारा आगे प्रसारित की गई। हालांकि, इस दावे की पुष्टि हम नहीं कर रहे है। यदि जांच में यह बात सही पाई जाती है कि तस्वीर वास्तव में संबंधित वाइस प्रिंसिपल के अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाई गई थी, तो मामला अत्यधिक संवेदनशील व जांच का विषय बन जाता है। क्योंकि तब सवाल यह नहीं रहेगा कि तस्वीर किसने वायरल की, बल्कि जांच का महत्वपूर्ण बिंदु यह भी होगा कि छात्रा के साथ तस्वीर क्यों ली गई और उसे स्वयं के सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई? तस्वीर किस परिस्थिति में ली गई थी, उसे स्टेटस पर किस उद्देश्य से लगाया गया और उसे कितने लोगों ने देखा इन सभी पहलुओं की जांच जरूरी हो जाती है।
🔴 फोटो के पीछे क्या थी मंशा
तस्वीर में शिक्षक और छात्रा एक साथ नजर आ रहे हैं। महज तस्वीर के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।लेकिन यदि तस्वीर वास्तव में संबंधित शिक्षक के सोशल मीडिया स्टेटस से जुड़ी है, तो इसकी मंशा, उद्देश्य और समय जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए। क्या तस्वीर किसी सामान्य विद्यालयी गतिविधि के दौरान ली गई थी? क्या इसे किसी विशेष कार्यक्रम या शैक्षणिक कारण से लिया गया? या फिर इसके पीछे मंशा कुछ और था? इन सवालों का जवाब संबंधित पक्ष के बयान और निष्पक्ष जांच से ही सामने आ सकता है।मामला केवल तस्वीर के वायरल होने तक सीमित नहीं है। तस्वीर के साथ किए जा रहे दावों ने विद्यालय प्रशासन की भूमिका और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि तस्वीर विद्यालय कार्यालय की है तो उस समय वहां क्या परिस्थिति थी? तस्वीर किसने खींची? यह सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची? और किस उद्देश्य से इसे प्रसारित किया जा रहा है। विद्यालय प्रशासन व आरोपी शिक्षक ने अब तक अपनी क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की। इन सवालों का जवाब फिलहाल सामने नहीं आया है।
🔴 जांच पर टिकी निगाहें
विद्यालय के वाइस प्रिसिंपल अभिषेक प्रताप के साथ छात्रा का फोटो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक होने के बाद पुलिस प्रशासन को मामला संज्ञान मे लेकर निष्पक्ष जांच शुरू किया जाना चाहिए। है। अब जांच में केवल वायरल तस्वीर की वास्तविकता ही नहीं, बल्कि उसके मूल स्रोत, स्टेटस पर लगाए जाने की पुष्टि, तस्वीर की तारीख, स्थान, परिस्थितियों और उसके प्रसार की भी पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। यदि स्टेटस वाला दावा सही है तो यह भी देखा जाना चाहिए कि तस्वीर किस अवधि तक स्टेटस पर रही और क्या उसके संबंध में कोई अन्य डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध है।
🔴 सवाल जो सुरसा की तरह मुंह बाये खडी है
मुनासिब सवाल यह है कि क्या वायरल तस्वीर वास्तव में संबंधित वाइस प्रिंसिपल के सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाई गई थी? यदि हां, तो तस्वीर कब और कितने समय के लिए स्टेटस पर रही? तस्वीर किस परिस्थिति में ली गई थी?छात्रा के साथ तस्वीर लेने की आरोपी शिक्षक की मंशा क्या थी?स्टेटस पर तस्वीर लगाने का उद्देश्य क्या था?तस्वीर का स्क्रीनशॉट किसने लिया और उसे सोशल मीडिया पर किसने प्रसारित किया?वायरल तस्वीर के साथ सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावे तथ्यात्मक हैं या भ्रामक? इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही तस्वीर और पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।इस संबंध मे मीडिया ने आरोपी शिक्षक अभिषेक प्रताप से उनका पक्ष जानने के लिए मोबाइल फोन पर संपर्क किया तो फोन आरोपी शिक्षक के भाई आशीष ने रिसीब किया। उन्होंने कहा कि वह मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसपी कार्यालय आये है।विद्यालय व भाई की छवि खराब करने का प्रयास किया गया है। आशीष ने कानूनी कार्रवाई से अवगत कराने और अपने भाई अभिषेक से बात कराने का वायदा दिया किन्तु अपने वादे पर खरे नही उतरे और समाचार लिखे जाने तक न तो किसी कार्रवाई की जानकारी दी और न ही अपने भाई से बात कराये।
🔴 रिपोर्ट - संजय चाणक्य

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